चाँद की रोशनी (एक डरावनी कहानी, 1960 का दशक)
बात उन दिनों की है जब घरों में बिजली नहीं होती थी… 1960 का दशक था। गाँव छोटा था, चारों तरफ खेत, कच्चे घर और रात होते ही घुप अंधेरा। लोग सूरज ढलते ही अपने-अपने घरों में सिमट जाते थे। उसी गाँव में एक 12 साल का बच्चा रहता था—मोहन। मोहन बाकी बच्चों से थोड़ा … Read more